Avsnitt

  • Guidelines for Social Media Influencers: Now one has to be careful on social media regarding advertisement on social media and endorsements of individual charts. The Consumer Affairs Ministry has finally announced new guidelines regarding these. This is the Ministry's endeavor to protect consumers from unfair trade practices (unfair trade practices) under the Consumer Protection Act, 2019. Consumer Affairs Secretary Rohit Kumar Singh said on Friday that the government has come up with guidelines for social media influencers and celebrities. There is one important directive in this guideline, which is that influencers and celebrities will all endorse someone, in fact they use it themselves.

    Social Media Influencer Guideline: What is said in the guideline?

    In June 2022, guidelines were issued regarding strict ads, including social media influencers and celebrities. Now the information is wrong or any information is hidden, both of them will be covered under this guideline. It states that if advertising is being given, then it should not be claiming other people's claims. Nor will you have to put any pressure on the consumer regarding this. Misleading ads in every format and literature are banned under the new guidelines.

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  • मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 50 आधार अंकों की वृद्धि की थी, उसके पहले भी 40 प्लाइंट का रेट हाइक हुआ था. लिहाजा देश भर में एफडी ब्याज दरों में भी वृद्धि हो रही है.

    Fixed deposit rates: कई बैंकों ने हाल ही में अलग-अलग जमाराशियों के लिए और अलग-अलग अवधि के लिए फिक्स डिपोजिट ब्याज दरों में वृद्धि की है. मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 50 आधार अंकों की वृद्धि की थी, उसके पहले भी 40 प्लाइंट का रेट हाइक हुआ था. लिहाजा देश भर में एफडी  ब्याज दरों में भी वृद्धि हो रही है.

    बैंक एफडी या सावधि जमा देश में लोकप्रिय निवेश विकल्प हैं. हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों ने हमेशा सलाह दी है कि किसी को अपनी पूरी बचत बैंक एफडी में नहीं लगानी चाहिए. बैंकों में कितना पैसा जमा करने की जरूरत है, यह तय करने के लिए किसी को अपने एसेट एलोकेशन और फाइनेंशियल टारगेट का आकलन करने की जरूरत है.

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  • LIC IPO Subscription Status: The country's largest LIC IPO is getting a strong response from retail investors. Especially the excellent figures of the policy holders category have come to the fore. By 12.30 pm on the first day, the LIC policy holder category has become more than 100% subscribed, that is, completely filled.

    LIC IPO Review, Price, Analysis, Date | LIC IPO की जानकारी

    Apart from this, the reserve quota for LIC employees has also become more than 50 percent subscribed till 12.30 pm. At the same time, the share of NII is only 0.06 percent. Overall, LIC IPO has been subscribed about 31 percent till 12 noon of the first day. However, in this IPO, investors will be able to apply in IPO from today till May 9.

    Most applications in the insurance holder category

    There are many reasons behind the enthusiasm among LIC policy holders and LIC employees regarding this IPO. To make this IPO a hit, the government has given a reservation of 10 percent in the policy holder category. Also, a discount of Rs 60 per share is being given. At the same time, LIC employees are getting a discount of Rs 45 per share in this IPO.

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  • रिजर्व बैंक की नई टोकनाइजेशन पेमेंट प्रणाली क्या है और कैसे करेगी काम?

    यूटिलिटी डेस्क. डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए रिजर्व बैंक ने नई व्यवस्था शुरू करने के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इस व्यवस्था को टोकनाइजेशन (टोकन व्यवस्था) के नाम से जाना जाएगा। इसके लागू होने पर पेमेंट कंपनियां थर्ड पार्टी के साथ मिलकर अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए टोकन जारी कर सकेंगी। लगातार बढ़ रहे कार्ड फ्रॉड की घटनाओं को देखते हुए आरबीआई ने यह गाइडलाइन तय की है।

    Post Link: https://technicalmitra.com/rbi-card-tokenisation-kya-hai/

    1) क्या है यह व्यवस्था

    टोकन सिस्टम के तहत ग्राहक के कार्ड की वास्तविक डिटेल्स को एक विशेष कोड (टोकन) में बदल दिया जाएगा। इस टोकन का इस्तेमाल करके ग्राहक किसी थर्ड पार्टी ऐप या पॉइंट ऑफ सेल (PoS) पर पेमेंट कर सकेंगे।

    यूजर को टोकनाइजेशन के लिए कार्ड प्रदाता कंपनियों से रिक्वेस्ट करनी होगी। इसके बाद यूजर के कार्ड की डिटेल्स, टोकन रिक्वेस्ट करने वाली कंपनी की डिटेल्स (जिस कंपनी को पेमेंट करने के लिए टोकन जेनरेट करना चाहते हैं) और यूजर की डिवाइस (मोबाइल/टैबलेट) के आइडेंटिफिकेशन से टोकन जेनरेट होगा। टोकन जेनरेट होने के बाद केवल उसी कंपनी के साथ इसे शेयर किया जा सकेगा, जिसके लिए इसे जेनरेट किया गया है।

    ग्राहकों के लिए यह सर्विस पूरी तरह मुफ्त होगी और कार्ड प्रदाता कंपनियां इसके लिए उनसे किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं वसूल सकेंगी।

    टोकन सिस्टम पहले ही कुछ जगह इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन, रिजर्व बैंक ने अब इसके दायरे को बढ़ा दिया है। अब नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी), मैग्नेटिक सिक्योर ट्रांसमिशन बेस्ड कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शन और क्यूआर कोड आधारित पेमेंट भी कर सकेंगे।

    6) इस तरह होगा काम

    इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद कार्ड धारक अपने कार्ड की डिटेल्स किसी थर्ड पार्टी ऐप (जैसे- फूड डिलेवरी ऐप, कैब सेवा प्रदाता ऐप) के साथ शेयर नहीं करनी होगी। पहले ऐसा करने से यूजर को कार्ड का डेटा इन वेबसाइट्स या ऐप पर सेव करना होता था, जिसके चोरी होने का डर लगा रहता है।

    टोकन सर्विस ग्राहकों के इच्छा पर निर्भर करेगी। इसे लेने के लिए उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया जा सकेगा और न ही बैंक/कार्ड प्रदाता कंपनियों द्वारा अनिवार्य रूप से इसे लागू किया जा सकेगा।

    कार्ड प्रदाता कंपनियां इन सेवाओं के लिए किसी थर्ड पार्टी ऐप डेवलपर से टोकन सर्विस के लिए कॉन्ट्रैक्ट कर सकेंगी। हालांकि, इस टोकनाइज्ड पेमेंट सिस्टम में भाग लेने वाली सभी कंपनियों को रिजर्व बैंक के साथ रजिस्टर्ड होना जरूरी है।

    10) ग्राहकों के हाथ में होगा कंट्रोल

    ग्राहकों के पास खुद को कॉन्टैक्टलेस, क्यूआर कोड या इन-ऐप परचेज जैसी किसी भी सर्विस के लिए रजिस्टर और डी-रजिस्टर करने का अधिकार होगा।

    यह सुविधा अभी सिर्फ मोबाइल फोन और टैबलेट के माध्यम से ही मिलेगी। इससे मिले फीडबैक के आधार पर बाद में अन्य डिवाइसों के लिए भी इसका विस्तार किया जाएगा।

    टोकनाइज्ड कार्ड ट्रांजेक्शन के माध्यम से होने वाले लेनदेन के लिए ग्राहक हर ट्रांजेक्शन की लिमिट के साथ-साथ डेली ट्रांजेक्शन लिमिट भी तय कर सकते हैं।इसके बाद तय लिमिट से ज्यादा का लेनदेन नहीं हो सकेगा।

    कार्ड प्रदाता को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक जल्द से जल्द आईडेंटिफाइड डिवाइस (मोबाइल/टैबलेट) खोने की कंप्लेन दर्ज करा सके ताकि अनाधिकृत लेनदेन रोका जा सके।

    रिजर्व बैंक ने कहा है कि टोकन ट्रांजेक्शन सिस्टम के दौरान होने वाले सभी ट्रांजेक्शन के लिए कार्ड पेमेंट कंपनी ही जिम्मेदार होंगी।

    रिजर्व बैंक ने कहा है कि कार्ड के लिए टोकन सेवाएं शुरू करने से पहले अधिकृत कार्ड पेमेंट नेटवर्क को निश्चित अवधि में ऑडिट प्रणाली स्थापित करनी होगी। यह ऑडिट साल में कम से कम एक बार होनी चाहिए।

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  • PM Modi Health ID Card 2021, ndhm.gov.in Apply Online Digital Health ID Registration

    ndhm.gov.in डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड 2021: भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में प्रधान मंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (पीएम-डीएचएम) लॉन्च किया है। योजना का शुभारंभ करते हुए पीएम ने कहा कि “आज हम एक ऐसा मिशन शुरू कर रहे हैं जिसमें भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है”। उन्होंने यह भी कहा कि इस मिशन के तहत एक व्यक्ति को एक डिजिटल आईडी प्रदान की जाएगी जिसमें एक व्यक्ति के सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड होंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण का सीधा लिंक सक्रिय कर दिया है।

    Post Link: https://technicalmitra.com/digital-health-id-card/

    Video Link: https://youtu.be/xARITEuRUQI

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  • वेब होस्टिंग क्या है? वेब होस्टिंग के प्रकार

    Nitish Verma Talk Show के इस एपिसोड में सुनेंगे

    What is Web Hosting in Hindi: वेब होस्टिंग क्या है? सर्वर क्या है? वेब होस्टिंग के प्रकार Shared Web Hosting VPS Hosting Dedicated Hosting Cloud Hosting WordPress Hosting Reseller Hosting

    अगर आप इंटनेट यूजर हैं या आपकी खुद की वेबसाइट है। तो आपको समझना चाहिए की वेब होस्टिंग क्या है?

    पोस्ट लिंक: https://www.nitishverma.com/web-hosting-kya-hai-in-hindi/

    नए ब्लॉगर्स फ्री हिंदी ब्लॉगिंग कोर्स ज्वाइन करें

    फ्री हिंदी ब्लॉगिंग कोर्स ज्वाइन करें: https://www.nitishverma.com/free-blogging-course-in-hindi/

    पॉडकास्ट न्यूज़ लेटर :https://mailchi.mp/ee2b5cd7de13/nitish-verma-newsletter 

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  • वर्डप्रेस क्या है?

    Post Link: https://www.nitishverma.com/wordpress-kya-hai/

    वर्डप्रेस सबसे लोकप्रिय ओपन सोर्स कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) है, जिसे कोई भी अपने स्वयं के Web Server पर मुफ्त में Install करके किसी भी प्रकार का ब्लॉग या वेबसाइट बना सकता है.

    वर्डप्रेस की पूरी कोड PHP द्वारा लिखी गई है. यह एक फ्री सॉफ्टवेयर है जिसे आप अपने वेब होस्टिंग पर इनस्टॉल करके एक वेबसाइट बना सकते हैं, लेकिन याद रखें की इसके लिए आपके पास वेब होस्टिंग खाता या होस्टिंग सर्वर होना आवश्यक है.

    जैसा की मैंने पहले बताया वर्डप्रेस एक ओपन सोर्स कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम है, जिस वजह से आपको इसके कोड में बदलाव करने का पूरा अधिकार होता है. आप अपने सर्वर पर इस वर्डप्रेस सीएमएस को स्थापित करके किसी भी प्रकार की वेबसाइट बना सकते हैं.


    वर्डप्रेस का इतिहासतो चलिए वर्डप्रेस के इतिहास के विषय में थोडा बहुत जानकारी प्राप्त करते हैं.

    2001

    Michel Valdrighi नाम के एक French programmer ने एक 2001 में ब्लॉग्गिंग टूल बनाया था जिसे b2/cafelog नाम दिया गया था असल में यही वर्डप्रेस के लिए नीव बनी. लेकिन 2002 में Valdrighi ने इसका development बंद कर दिया.2003

    Matt Mullenweg और Mike Little नाम के दो लोगों ने इसी टूल से idea लेकर WordPress बनाया और पहला version launch किया.2004

    वर्डप्रेस में पहली बार plugin system को जोड़ा गया.2005

    पहली बार Theme system सामिल किया गया और एक default template डाला गया इसके अलावा Image upload की सुविधा डाली गयी, import system को सुधर किया गया और भी कई टूल्स जोड़े गये.2007

    नया interface design किया गया और auto save, spell checking जैसे features डाले गये.2008

    एक web design कंपनी “Happy Cog” ने WordPress प्रोजेक्ट के साथ जुड़ गए और वहीँ वो उनकी मदद की एक नए WordPress admin interface की design करने के लिए. वहीँ Admin UI को भी फिर से नया रूप प्रदान किया गया. फिर बाद में नए features जैसे की shortcodes, one-click updates और built-in plugin installation को WordPress में शामिल किया गया नए नए releases के साथ.2010

    Automattic, वो company जिसकी शुरुवात की गयी थी WordPress co-founder Matt Mullenweg के द्वारा, उन्होंने वर्डप्रेस की पूरी ownership को ट्रान्सफर कर दी WordPress Foundation को. जिसमें उन्होंने WordPress trademark और logo को भी ट्रान्सफर कर दिया.

    ये वर्डप्रेस के इतिहास में एक बहुत बड़ा दिन था क्यूंकि अब स्वतंत्र रूप से वर्डप्रेस बढ़ सकता था और किसी एक कंपनी या किसी developers के समूह के ऊपर उन्हें निर्भर नहीं रहना पड़ा.

    ऐसे ही धीरे धीरे वर्डप्रेस आगे बढ़ता चला गया और पूरी ऑनलाइन जगत में एक बहुत ही प्रसिद्ध CMS बन गया.2018

    WordPress 5.0 को release किया गया एक बिलकुल ही नए editing experience के साथ. इस नए WordPress block editor project का कोड नाम “Gutenberg” रखा गया.ऐसे ही हर साल लगातार वर्डप्रेस को improve किया जाता रहा और आज भी नये-नये updates आते रहते हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है.

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  • Read Along is a free reading app for Android that helps children have fun while they learn to read. Read Along has an in-app reading buddy that listens to your young learner read aloud, offers assistance when they struggle and rewards them with stars when they do well – guiding them along as they progress.

    Google Read Along (Bolo) App : इंडियन किड्स के लिए ऑनलाइन रीडिंग ऐप

    रीड अलॉन्ग (पूर्व में बोलो) 5 वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चों के लिए डिज़ाइन किया गया एक स्वतंत्र और मजेदार भाषण आधारित रीडिंग ट्यूटर ऐप है।यह उन्हें अंग्रेजी और कई अन्य भाषाओं (हिंदी, बांग्ला, मराठी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, स्पेनिश और पुर्तगाली) में उनके पढ़ने के कौशल में सुधार करने में मदद करता है।जिससे उन्हें दिलचस्प कहानियों को पढ़ने और “दीया” के साथ स्टार और बैज एकत्र करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ऐप असिस्टेंट में फ्रेंडली है।

    Post Link: https://technicalmitra.com/google-read-along-bolo-app-kya-hai/

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  • Domain Name Kya Hai | डोमेन नेम क्या है हिंदी गाइड

    डोमेन नेम आपकी वेबसाइट का नाम है। सीधे शब्दों में कहें तो जो आपके वेबसाइट के यूआरएल का नाम है उसे ही डोमेन नेम कहते हैं। डोमेन नाम एक पता होता है जिसे उपयोगकर्ता आपके वेबसाइट को एक्सेस कर सकता है। डोमेन नाम का प्रयोग इंटरनेट से जुड़े किसी कंप्यूटर की पहचान और खोज करने के लिए की जाती है।

    अब कंप्यूटर आईपी एड्रेस का उपयोग करता है जो नंबर के कुछ सीरीज होते हैं। और इंसान के लिए ये कई स्ट्रिंग्स याद रखना मुश्किल है। ऐसा करने के लिए हम कह सकते हैं कि डोमेन नेम को इसिलिए डेवलप किया गया की इंसान को ये नंबर्स ऑफ स्ट्रिंग्स (आईपी एड्रेस) याद रखने की जरूरत न पड़े।

    इस पोस्ट में आप जानेंगे

    Domain Name Kya Hai? डोमेन नेम में कौन से कॉम्पोनेन्ट होते हैं? Best and Popular TLD’s gTLD और ccTLD डोमेन नेम में क्या अंतर है? डोमेन नाम का इतिहास ICANN क्या है? Top Domain Registrar Companies डोमेन नेम और यूआरएल में क्या फर्क है? डोमेन नाम खरीदने के लिए कुछ उपयोगी टिप्स

    डोमेन नेम में कौन से कॉम्पोनेन्ट होते हैं?

    एक डोमेन नेम जो स्ट्रिंग्स डॉट (.) से सेपरेट होते हैं। जो 2 या 3 पार्ट में हो सकता है ये आपकी वेबसाइट पर निर्भर करता है। मैं समझाता हूं कन्फ्यूज होने की जरूरत नहीं है।

    डोमेन नेम का General Syntax Structure होता है। जो machine_name.subdomain.domain.tld इस तरह से होता है।

    उदाहरण के लिए मेरी वेबसाइट का डोमेन देखें।

    www:  Machine Name

    Nitishverma:  Midlevel Domain

    .COM:  TLD top level domain

    पोस्ट लिंक: https://www.nitishverma.com/domain-name-kya-hai-hindi-guide/

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  • As deadline nears, Twitter, Facebook yet to comply with new government rules, face shutdown in India

    Social Media Guidelines: Facebook, Twitter और Instagram जैसी सोशल मीडिया क्या भारत में काम करना बंद कर देंगी? इन सोशल साइट्स के यूजर्स की संख्या करोड़ों में, ऐसे में यह सवाल इन दिनाें चर्चा में है. आपको बता दें कि इस साल 25 फरवरी को भारत सरकार के इलेक्ट्राॅनिक्स एवं इनफाॅर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MEITY) ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों (Social Media Companies) को नये नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया था, जो 26 मई को पूरा हो रहा है.सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में कंप्लायंस अधिकारी, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के लिए कहा गया था और उन सभी का कार्यक्षेत्र भारत में होना जरूरी रखा गया था. इसके अलावा, शिकायत समाधान, आपत्तिजनक कंटेट की निगरानी, कंप्लायंस रिपोर्ट और आपत्तिजनक सामग्री को हटाना आदि के नियम भी शामिल हैं.

    Post Link: https://www.nitishverma.com/kya-facebook-twitter-instagram-ban-honge/

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  • Hinglish Me Blogging Kyu Karein? | हिंगलिश ब्लॉग कैसे शुरू करें?

    Hindi ( हिंदी ) humare bharat desh ki rashtra Bhasa hai. Ye Bharat ke alawa bhi kai aur jagho par boli jaane waali popular languages me se ke hai. Lekin jaise jaise humare desh ne digitalization ki traf badha humare yanha Hinglish ne ek bada rup khada kar liya. 

    Mujhe yaad hai ek jab aap 15 saal pehle ki internet world ki baat karein to internet par News se lekar blogs lagbhag sabhi English me they. Ya hum ye keh sakte hain ki aapko lagbhag sabhi results English me hi dikhyae jaate they. Par badlte samay ke saath logon ne Hindi aur Hinglish me likhna shuru kiya aur aaj uska natija hum internet par dekh rahe hain ki hume kai sare articles Hindi aur Hinglish me mil jaate hain. To aaiye jante hain Hinglish Me Blogging Kyu karein?

    इस पॉडकास्ट में आप सुनेंगे

    Hinglish Kya hai? India Me Hinglish ka Future: Videshi Ya Bade Brands Ka Hinglish Me Advertisement Hinglish Me Blogging Kyu Karein? Maine Hinglish Me Blogging Kyu chuni?

    Post Link: https://www.nitishverma.com/hinglish-me-blogging-kyu-karein/

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  • क्या आप जानते हैं कि ब्लॉगिंग क्या है? Blogging Kya Hai?

    क्या आप जानते हैं कि ब्लॉग क्या है? ब्लॉगिंग क्या होता है? (Blogging Kya Hai?) यदि आप नहीं जानते हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं।इस ऑनलाइन पत्रिका में, आप अपने दैनिक जीवन के बारे में बात कर सकते हैं या उन चीजों को साझा कर सकते हैं जो आप करते हैं।


    इस पॉडकास्ट में आप सुनेंगे ब्लॉगिंग क्या है? ( Blogging Kya hai?)ब्लॉग क्या है? Blog Kya Hai? ब्लॉग का इतिहासBlog का उद्देश्य क्या है? ब्लॉग और वेबसाइट में क्या अंतर है?वेबसाइटों से ब्लॉगों को क्या अलग करता है? ब्लॉगिंग इतना लोकप्रिय क्यों है? ब्लॉगर कौन होता है?ब्लॉग कंटेंट क्या होता है? ब्लॉग और सीएमएस के बीच अंतर?

    पोस्ट लिंक: https://www.nitishverma.com/blogging-kya-hai/

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  • Google Maps Business Listing | गूगल मैप पर अपना बिज़नेस कैसे डालें
    गूगल मैप्स पर अपना बिज़नेस क्यों डालें ?
    मान लीजिये आप भी मेरी तरह SEO (Search Engine Optimization) Service प्रदान करने वाले कोई फ्रीलांसर या एजेंसी हैं। आपके शहर के अंदर ऐसी कई सर्विस देने वाली एजेंसी हो सकती है।
    गूगल मैप पर अपना बिज़नेस कैसे डालें? [Google Maps Business Listing]
    Google Maps function, जिसे पहले Google Places के रूप में जाना जाता था. अब Google My Business डैशबोर्ड का हिस्सा है।कुछ स्थितियों में,Google “Local” search results (Maps) में आसपास के समुदायों के व्यवसायों को प्रदर्शित करता है, आपको केवल शहर में अपना व्यवसाय पंजीकृत करने की अनुमति है या जिस शहर में आपका physical address है।
    Google My Business पर अपना बिज़नेस जोड़ना या क्लेम करना
    अधिक जानकारी के लिए या किसी हेल्प के लिए हमारे ब्लॉग पर विजिट करें।
    पोस्ट लिंक: https://www.nitishverma.com/google-maps-business-listing/
    Email: [email protected]


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  • Google I/O 2021 Here Are The 5 Big Announcement

    Google I/O 2021 18 मई को शुरू हो गया है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 20 मई तक जारी रहेगा। यहां हम आपको कंपनी द्वारा की गई 5 नई घोषणाओं की जानकारी दे रहे हैं।

    पिछले वर्ष Google का डेवलपर सम्मेलन कैंसल कर दिया गया था। लेकिन इस साल इसे आयोजित किया गया और कंपनी कई नई घोषणाओं के साथ वापस आई। Google I/O 2021, वार्षिक हार्डवेयर इवेंट आखिरकार मंगलवार, 18 मई को शुरू हो गया है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 20 मई तक जारी रहेगा। यहां हम आपको कंपनी द्वारा की गई 5 नई घोषणाओं की जानकारी दे रहे हैं।

    More Inclusive Camera: Google का कहना है कि वह एक स्मार्टफोन कैमरा बना रहा है जो स्कीन टोन को ज्यादा बेहतर तरीके से दर्शाएगा। Google के समीर समत ने कहा, "हमारे Google प्रोडक्ट्स में भी फोटोग्राफी वैसी नहीं बन पाई है जैसा हम उसे बनाना या देखना चाहते हैं।" Google का कहना है कि वह नेचुरल ब्राउन टोन लाने के लिए ऑटो व्हाइट बैलेंस एडजस्टमेंट में बदलाव कर रहा है। वह सब्जेक्ट को पृष्ठभूमि से बेहतर ढंग से अलग करने के लिए नए एल्गोरिदम पर भी काम कर रही है।

    AI-curated Albums: Apple और Facebook की तरह, Google Photos कलेक्शन को क्यूरेट करने के लिए AI का इस्तेमाल करेगा। इसके बाद इसे यूजर्स के साथ शेयर किया जाएगा। कई बार ऐसा देखा गया है कि Apple और Facebook के साथ लोगों की एक शिकायत रहती है कि वे उन्हें ऐसे भी कलेक्शन या फोटोज क्यूरेट कर दिखाते हैं जो उनके जीवन के मुश्किल भरे समय के हैं।

    Inclusive language: Google ने एक नया फीचर पेश किया है जिसका नाम Smart Canvas है। यह एक तरह का अम्ब्रेला प्लेटफॉर्म है जो Google डॉक्स, मीट, शीट्स, टास्क और स्लाइड को आपस में जोड़ता है। एक अन्य फीचर Assisted Writing भी है जो यूजर के जेंडर्ड टर्म्स को फ्लैग करेगा और विकल्प सुझाएगा।

    Android 12: Google ने अपने नए ऑपरेटिंग सिस्टम, Android 12 को एंड्रॉइड के इतिहास में सबसे बड़ा डिजाइन परिवर्तन बताया है। इसमें नई प्राइवेसी फीचर्स शामिल हैं जो यूजर्स को इस बात पर नियंत्रण रखने की अनुमति देंगे कि ऐप्स उनसे कितनी जानकारी ले रही हैं। स्क्रीन के टॉप पर एक लाइट दिखाई देगी अगर कोई ऐप डिवाइस का कैमरा या माइक्रोफोन इस्तेमाल कर रही होगी तो।

    3D Video Conferencing: Google ने घोषणा कर बताया है कि वो नए वीडियो चैट सिस्टम पर काम कर रहा है जिसके तहत आप जिससे बात करेंगे वो आपके सामने 3D में उपलब्ध होगा। इस प्रोजेक्ट का नाम Starline है और कंपनी का उद्देश्य है कि वो वीडियो चैट्स के लिए अल्ट्रा रियलिस्टिक प्रोजेक्शन उपलब्ध कराए।

    अगले पॉडकास्ट में मैं गूगल I/O 2021 से जुड़ी और भी जानकारी पॉडकास्ट और ब्लॉग के माध्यम से दूंगा।

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  • How To Apply Driving License Online

    ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन कैसे करें आवेदन?

    क्या आप भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की योजना बना रहे हैं? ड्राइविंग लाइसेंस भारत में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों के जरिए बनवाया जा सकता है। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के दौरान ऑनलाइन माध्यम ही सबसे लिए इस वक्त सहज और सुरक्षित जरिया समझा जा सकता है। ऑनलाइन माध्यम से लाइसेंस बनवाने में न तो आपको किसी कतार में खड़े रहने की जरूरत पड़ती है और न ही सरकारी ऑफिस के चक्कर लगाने की आवश्यकता पड़ती है। भारत में ड्राइविंग लाइसेंस राज्य सरकार द्वारा ज़ारी किए जाते हैं। कई सरकारों ने इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया ज़ारी की हुई है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने हाल ही में परिवाहन सारथी वेब पोर्टल लॉन्च किया था, ताकि नागरिक आसानी से ऑनलाइन माध्यम के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकें।

    इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी देंगे कि कैसे ऑनलाइन माध्यम से अपने ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन करें।

    ऑनलाइन माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवदेन करने की प्रक्रिया बताने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि आपके पास लर्नर लाइसेंस होना अनिवार्य है। यदि आपके पास लर्नर लाइसेंस नहीं है, तो आपको ड्राइविंग लाइसेंस ज़ारी नहीं किया जाएगा।

    Link: https://sarathi.parivahan.gov.in/sarathiservice/stateSelection.do

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  • Ola Cabs To Deliver Oxygen Concentrators Free Of Cost Within 30 Minutes.

    Ola घर तक डिलीवर करेगी फ्री Oxygen Concentrators, Give India के साथ शुरू की पहलOla ने इस मुहीम के लिए GiveIndia फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है, ताकि वह 'O2forIndia' पहल के जरिए जरूरतमंद लोगों तक ऑक्सिज़न कॉन्सन्ट्रेटर की फ्री डिलीवरी कर सकें।

    भारत में COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान उत्पन्न होने वाली बड़ी समस्याओं में से एक है लाइव-सेविंग रिसोर्से की अनउपलब्धता, जैसे ऑक्सिज़न कॉन्सन्ट्रेटर व सिलेंडर इत्यादि। इस वजह से मजबूरन लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगानी पड़ रही है। नागरिकों की मदद के लिए भले ही सरकारी मदद आने में देर हो, लेकिन कई ऐसी निजी संस्थाएं तो जो अपने दम पर लोगों की मदद के लिए आगे आ रही हैं।

    इन्हीं में से एक संस्था के साथ मिलकर Ola ने अपनी नई सर्विस का ऐलान किया है। इस सर्विस के माध्यम से ओला जरूरतमंद लोगों तक ऑक्सिज़न कॉन्सन्ट्रेटर की फ्री होम डिलीवरी करने वाला है। इस सर्विस के तहत ओला पिक-अप और डिलीवरी दोनों की सुविधा प्रदान करेगा। इस नई सर्विस का फायदा आप ओला ऐप के जरिए ले सकते हैं। हालांकि, फिलहाल ओला की यह सर्विस केवल बेंगलुरु शहर तक ही सीमित है।

    Ola Cabs के को-फाउंडर Bhavish Aggarwal ने ट्वीट के माध्यम से इस नई सर्विस का ऐलान किया और यह भी जानकारी दी कि आने वाले हफ्तों में यह सर्विस भारत के अन्य शहरों तक भी पहुंचाई जाएगी। इस सुविधा के लिए ग्राहकों को 5,000 रुपये की सेफ्टी रीफंडेबल राशि डिपॉज़िट करनी पड़ेगी।

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  • What is Oximeter | Oximeter Kya Hai?

    होम आइसोलेशन के दौरान नियमित तौर पर अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। ताकि स्थिति भयावह होने से रोका जा सके। ऑक्सीजन स्तर की जांच करने के लिए घर पर ऑक्सीमीटर जरूर रखें।

    पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटा सा डिजीटल उपकरण होता है, जो शरीर में ऑक्सीजन लेवल की करता है जांच। पल्स ऑक्सीमीटर स्थिति भयावह होने से पहले करता है सचेत, ऑक्सीजन सेचुरेशन के साथ हार्ट बीट की करता है जांच। एक स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर 95 से 100 के बीच होना चाहिए।
    क्या करता है ऑक्सीमीटर?

    पल्स ऑक्सीमीटर में, हांथ की उंगली फंसाते ही खून में ऑक्सीजन की उपलब्धता की जांच करता है। इससे यह पता चलता है कि लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) कितना ऑक्सीजन ह्रदय से शरीर के अन्य भाग में पहुंचा रही हैं। इसमें फोटो इलेक्ट्रिक उपकरण होता है जो ऑक्सीजन सैचुरेशन के साथ हार्ट बीट को भी चेक करता है।ध्‍यान रखें क‍ि आप एक ही उंगली को ऑक्‍सीमीटर में फंसा कर ऑक्‍सीजन लेवल की जांच करें। जांच के दौरान ऑक्‍सीमीटर में अपनी उंगली ठीक से सेट करें। ऐसा न करने पर रीड‍िंग गलत हो सकती है।


    क्यों है घर में ऑक्सीमीटर जरूरी?

    कोरोना काल के दौरान विशेषज्ञ घर पर ऑक्सीमीटर रखने औऱ नियमित तौर पर ऑक्सीजन स्तर मापने की सलाह दे रहे हैं। कोविड से संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन के दौरान घर पर ऑक्सीमीटर रखना बेहद जरूरी है तथा हर दो से तीन घंटे पर ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। ताकि ऑक्सीजन स्तर का पता लगाया जा सके औऱ स्थिति गंभीर होने से पहले मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और सही समय पर इलाज हो सके।

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  • WhatsApp’s controversial new privacy policy goes live on 15 May, despite pushback from users and governments. However, the company has made some changes to how the policy will be enforced. Mint takes a look at the new changes.

    WhatsApp की नई पॉलिसी एक्सेप्ट न करने पर ये फीचर्स काम करना कर देंगे बंद

    WhatsApp की नई पॉलिसी अपडेट को एक्सेप्ट करने के लिए फिलहाल यूज़र्स के पास अब कुछ समय बचा है। नई पॉलिसी 15 मई से लागू होने जा रही है और ये Facebook के साथ यूज़र डेटा साझा करने पर फोकस करती है। पिछले कुछ महीनों से इस नई पॉलिसी को लेकर यूज़र्स के मन में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। कंपनी ने अपनी वेबसाइट के FAQ सेक्शन में भी अपडेट की गई पॉलिसी को लगा दिया है। अब, मुख्य सवाल यह उठता है कि यदि यूज़र्स ने इस प्राइवेसी पॉलिसी (WhatsApp Privacy Policy) को नहीं अपनाया, तो उनके साथ क्या होगा? क्या उनके अकाउंट स्थाई रूप से बंद हो जाएंगे? यूज़र्स के मन में कई सवाल हैं, इसलिए हमने आपकी कुछ चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है।

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  • FeedBurner Alternatives- ब्लॉगर्स के लिए RSS फ़ीड न्यूज़लैटर
    Google Feedburner को बंद करेगा या बंद करने वाला है। इसके संकेत आ चुके हैं। अब जरुरत है FeedBurner Alternatives को अपने वेबसाइट या ब्लॉग पर प्रयोग करने का।
    Google Feedburner क्या है?फीडबर्नर Google की RSS फ़ीड मैनजमेंट सेवा है। जिस पर कई ब्लॉगर कई वर्षों से निर्भर हैं।
    मेरा ब्लॉग भी उनमें से एक था।जहाँ तक मुझे याद है, मैंने कभी भी फीडबर्नर में कोई नई सुविधा या अपडेट नहीं देखा है। फीडबर्नर के एपीआई को टेकडाउन किया गया था। इसके बाद फीड्स फीचर के लिए एडसेंस को भी रिटायर कर दिया। यह सब 2012 में हुआ था।
    Best Google Feedburner alternative कौन से हैं?
    ईमेल के माध्यम से ब्लॉग सदस्यता

    FeedBlitz
    Nourish
    Feedstats
    Rapid Feeds
    Feedity
    IFTTT
    FeedCat

    Best FeedBurner Alternative for 2021 : follow.it
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  • Last year, Clubhouse, an audio-based chat platform came into being and became popular enough for social media platforms to copy it. Twitter is now one of the copiers after recently introduced Spaces, for people to engage in the “interactive podcasts” and talk about stuff. 

    This makes way for debates and healthy discussions on relevant topics with each other. You easily listen to, start, and be a part of such conversations with the help of the new Twitter feature. But, how? Keep on reading to find out just that. 

    Twitter Space Kya Hai? | ट्विटर स्पेस क्या है?

    Twitter Spaces उपयोगकर्ताओं को “Spaces” ( ऑडियो चैट रूम) के भीतर होस्ट किए गए live audio conversations को होस्ट और पार्टिसिपेट करने की अनुमति देता है।

    साधारण शब्दों तो Twitter Spaces एक ऑडियो चैटरूम है। जहाँ लाइव ऑडियो बातचीत की जा सकती है।

    ये प्रोडक्ट वर्तमान में परीक्षण में है, और केवल शॉर्टलिस्ट किए गए उपयोगकर्ता अभी अपना स्वयं का स्पेस बना सकते हैं। हालाँकि, iOS और Android पर कोई भी Spaces में शामिल हो सकता है और सुन सकता है।

    Post Link: https://www.nitishverma.com/twitter-spaces-kya-hai/

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